विस्तृत उत्तर
गौरी–शंकर की संयुक्त साधना का विधान विवाह में आ रही सभी रुकावटों को दूर करने के लिए विशेष रूप से किया जाता है।
इस साधना से न केवल विवाह के योग बनते हैं, बल्कि जीवनसाथी की गुणवत्ता और शुभता पर भी ध्यान केंद्रित होता है।
इस साधना का मूल उद्देश्य साधक के जीवन में शीघ्र विवाह, शुभ संयोग, दांपत्य-सौभाग्य की स्थापना और कुंडलीगत ग्रहों के क्लेश की शांति करना है।





