विस्तृत उत्तर
अष्टधातु (आठ धातुओं का मिश्रण) की मूर्ति को ज्योतिष और धार्मिक परंपरा में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।
अष्टधातु क्या है
आठ धातुओं का मिश्रण — सोना, चाँदी, तांबा, लोहा, जस्ता (जिंक), टिन, सीसा (लेड) और पारा। प्रत्येक धातु एक ग्रह से जुड़ी है:
- ▸सोना — सूर्य
- ▸चाँदी — चंद्रमा
- ▸तांबा — मंगल
- ▸पारा — बुध
- ▸जस्ता — बृहस्पति
- ▸टिन — शुक्र
- ▸लोहा — शनि
- ▸सीसा — राहु/केतु
लाभ
- 1सभी नवग्रहों की शांति — अष्टधातु में सभी ग्रहों की धातुएँ होने से यह सभी ग्रह दोषों को शांत करती है।
- 2शक्तिशाली ऊर्जा — आठ धातुओं का संयुक्त प्रभाव अत्यंत शक्तिशाली सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न करता है।
- 3सर्वदोष निवारण — ज्योतिष के अनुसार अष्टधातु की मूर्ति घर में रखने से ग्रह दोष, वास्तु दोष और नकारात्मक ऊर्जा सभी शांत होते हैं।
- 4लक्ष्मी-नारायण कृपा — विशेषतः अष्टधातु के गणेश, लक्ष्मी-नारायण और शिव परिवार की मूर्ति अत्यंत शुभ मानी जाती है।
- 5टिकाऊ — मिश्र धातु होने से मूर्ति लंबे समय तक अखंडित रहती है।
सावधानी
- ▸असली अष्टधातु की मूर्ति प्राप्त करें — बाज़ार में अक्सर नकली/मिलावटी मिलती हैं।
- ▸विधिवत प्राण प्रतिष्ठा करवाने से विशेष लाभ होता है।





