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पूजा घर नियम📜 ज्योतिष शास्त्र, धार्मिक परंपरा2 मिनट पठन

पूजा घर में अष्टधातु की मूर्ति रखने का क्या लाभ है?

संक्षिप्त उत्तर

अष्टधातु (8 धातुओं) की मूर्ति में सभी ग्रहों की धातुएँ हैं — यह सर्वग्रह शांति, शक्तिशाली सकारात्मक ऊर्जा और सर्वदोष निवारण करती है। शास्त्रों में यह सर्वश्रेष्ठ धातु मानी गई है। असली अष्टधातु की पहचान करें।

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विस्तृत उत्तर

अष्टधातु (आठ धातुओं का मिश्रण) की मूर्ति को ज्योतिष और धार्मिक परंपरा में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।

अष्टधातु क्या है

आठ धातुओं का मिश्रण — सोना, चाँदी, तांबा, लोहा, जस्ता (जिंक), टिन, सीसा (लेड) और पारा। प्रत्येक धातु एक ग्रह से जुड़ी है:

  • सोना — सूर्य
  • चाँदी — चंद्रमा
  • तांबा — मंगल
  • पारा — बुध
  • जस्ता — बृहस्पति
  • टिन — शुक्र
  • लोहा — शनि
  • सीसा — राहु/केतु

लाभ

  1. 1सभी नवग्रहों की शांति — अष्टधातु में सभी ग्रहों की धातुएँ होने से यह सभी ग्रह दोषों को शांत करती है।
  2. 2शक्तिशाली ऊर्जा — आठ धातुओं का संयुक्त प्रभाव अत्यंत शक्तिशाली सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न करता है।
  3. 3सर्वदोष निवारण — ज्योतिष के अनुसार अष्टधातु की मूर्ति घर में रखने से ग्रह दोष, वास्तु दोष और नकारात्मक ऊर्जा सभी शांत होते हैं।
  4. 4लक्ष्मी-नारायण कृपा — विशेषतः अष्टधातु के गणेश, लक्ष्मी-नारायण और शिव परिवार की मूर्ति अत्यंत शुभ मानी जाती है।
  5. 5टिकाऊ — मिश्र धातु होने से मूर्ति लंबे समय तक अखंडित रहती है।

सावधानी

  • असली अष्टधातु की मूर्ति प्राप्त करें — बाज़ार में अक्सर नकली/मिलावटी मिलती हैं।
  • विधिवत प्राण प्रतिष्ठा करवाने से विशेष लाभ होता है।
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शास्त्रीय स्रोत
ज्योतिष शास्त्र, धार्मिक परंपरा
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