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पूजा घर नियम📜 वास्तु शास्त्र, सामान्य धार्मिक मान्यता2 मिनट पठन

पूजा घर में कबूतर का घोंसला बन जाए तो क्या करें?

संक्षिप्त उत्तर

कबूतर का घोंसला पूजा घर में अशुभ है। अंडे/बच्चे हों तो उड़ जाने तक प्रतीक्षा करें, फिर अहिंसापूर्वक हटाएँ। गंगाजल से शुद्धि करें और भविष्य में प्रवेश रोकने के उपाय करें।

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विस्तृत उत्तर

वास्तु शास्त्र के अनुसार पूजा घर में किसी भी पक्षी का घोंसला बनना शुभ संकेत नहीं माना जाता, विशेषतः कबूतर का।

कबूतर घोंसला — वास्तु दृष्टिकोण

  • कबूतर का घर में बार-बार आना या घोंसला बनाना वास्तु शास्त्र में अशुभ माना जाता है। कबूतर को कई वास्तु विशेषज्ञ 'राहु' ग्रह से जोड़ते हैं।
  • पूजा स्थल पर पक्षियों की बीट, पंख और गंदगी से पवित्रता नष्ट होती है।
  • यह संकेत है कि पूजा स्थल की नियमित देखभाल में कमी है।

क्या करें

  1. 1अहिंसा भाव से — यदि घोंसले में अंडे या बच्चे हैं तो उन्हें बलपूर्वक न हटाएँ। बच्चों के उड़ जाने तक प्रतीक्षा करें।
  2. 2धीरे-धीरे विस्थापित करें — बच्चे उड़ जाने के बाद घोंसला हटाएँ और उस स्थान को साफ करें।
  3. 3गंगाजल से शुद्धि — घोंसला हटाने के बाद पूरे पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें।
  4. 4प्रवेश रोकें — जाली, पर्दा या अन्य उपाय से कबूतरों के प्रवेश को रोकें।
  5. 5पूजा जारी रखें — घोंसला होने पर भी पूजा बंद न करें, अलग स्थान पर अस्थायी पूजा स्थल बनाएँ।

ध्यान दें: कबूतर या किसी भी पक्षी को मारना या कष्ट देना सर्वथा वर्जित है। अहिंसा पूर्वक उपाय करें।

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शास्त्रीय स्रोत
वास्तु शास्त्र, सामान्य धार्मिक मान्यता
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