12 ज्योतिर्लिंग यात्रा से क्या पुण्य मिलता है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
शिव स्वयं प्रकट 12 स्थान। सम्पूर्ण यात्रा = सभी पाप नाश + शिवलोक। सोमनाथ→घृष्णेश्वर। 'सौराष्ट्रे सोमनाथं...' प्रातः स्मरण = दर्शन तुल्य। जीवन में 12 = दुर्लभ पुण्य।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
तीर्थ यात्रा
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।