कुंडलिनी योग
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आज्ञा चक्र खुलने पर क्या दिव्य दृष्टि मिलती है?
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संक्षिप्त उत्तर
आज्ञा चक्र: (1) अंतर्ज्ञान (2) ॐकार नाद (3) श्वेत/नीला/बैंगनी प्रकाश (4) दूरदर्शन/पूर्वाभास (सीमित) (5) त्रिकालज्ञान (आंशिक) (6) एकाग्रता+साक्षी भाव (7) भौंहों दबाव (8) दिव्य स्वप्न। सिद्धि≠लक्ष्य। भ्
आज्ञा चक्र (भौंहों मध्य, Third Eye) = ज्ञान, अंतर्ज्ञान, दिव्य दृष्टि केन्द्र। बीज मंत्र 'ॐ', 2 पंखुड़ी कमल। दिव्य दृष्टि अनुभव: 1।
अंतर्ज्ञान (Intuition): विचार/निर्णय बिना तर्क सही। अन्तर्मन से उत्तर। ॐकार नाद: आज्ञा पर ऊर्जा = नाद ध्वनि।
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