आरती विधि
?
आरती कैसे करें?
PAURANIK.ORG
संक्षिप्त उत्तर
आरती में पंचमुखी घी का दीप जलाएं। चरणों से आरंभ करके ऊपर जाएं — दक्षिणावर्त (clockwise) घुमाएं। शंख-घंटी बजाते हुए देवता की स्तुति गाएं। अंत में कपूर आरती करें। आरती की लौ दोनों हाथों से स्पर्श करके न
आरती की शास्त्रोक्त विधि अग्नि पुराण और स्कंद पुराण में विस्तार से वर्णित है: आरती का अर्थ: 'आरती' = 'आ-रत्री' अर्थात् रात्रि के अंधकार को दूर करना।
या 'आर्तिका' — कष्टों को दूर करना। आरती में दीप की ज्योति से देवता को नीराजन (प्रकाश अर्पण) किया जाता है। आरती के प्रकार: 1।
📖
सम्पूर्ण उत्तर पढ़ें
शास्त्रीय प्रमाण सहित विस्तृत उत्तर
पूरा उत्तर पढ़ें →
PAURANIK.ORG