पूजा विधि
?
आरती के बाद हाथ सिर पर क्यों फेरते हैं?
PAURANIK.ORG
संक्षिप्त उत्तर
ज्योति=दैवीय ऊर्जा। हाथ गर्म→सिर(सहस्रार)=ऊर्जा मस्तिष्क। माथा(आज्ञा चक्र)=अंतर्ज्ञान। आँखें=नेत्र ज्योति। विधि: हथेली→आँख→माथा→सिर।
आरती ज्योति पर हाथ रखकर सिर पर फेरना = दैवीय ऊर्जा ग्रहण। ऊर्जा अवशोषण: आरती ज्योति = दैवीय ऊर्जा + मंत्र ऊर्जा।
हाथ गर्म → सिर (सहस्रार चक्र) पर = ऊर्जा मस्तिष्क तक। आशीर्वाद ग्रहण: ज्योति = ईश्वर प्रकाश। हाथ फेरना = आशीर्वाद स्वीकारना।
📖
सम्पूर्ण उत्तर पढ़ें
शास्त्रीय प्रमाण सहित विस्तृत उत्तर
पूरा उत्तर पढ़ें →
PAURANIK.ORG