तंत्र और अघोर साधना
?
अघोर साधना और वामाचार में काशी के महाकालेश्वर शिवलिंग का क्या महत्त्व है?
PAURANIK.ORG
संक्षिप्त उत्तर
महाकालेश्वर अपनी उग्र, संहारक और भस्म-प्रिय प्रकृति के कारण अघोरियों के आराध्य हैं। यहाँ 'अघोर मंत्र' का जप करने से साधक के कर्म-बंधन, भय और द्वैत मिट जाते हैं तथा काल-स्तम्भन का अनुभव होता है।
काशी का दारा नगर, विशेश्वरगंज और समीपवर्ती मणिकर्णिका घाट क्षेत्र प्राचीन काल से अघोर, वामाचार और तंत्र साधना का महान केंद्र रहा है।
महाकालेश्वर अपनी उग्र, संहारक और मृत्युंजय प्रकृति के कारण अघोरियों और तांत्रिकों के लिए सर्वोच्च साधना स्थल है।
📖
सम्पूर्ण उत्तर पढ़ें
शास्त्रीय प्रमाण सहित विस्तृत उत्तर
पूरा उत्तर पढ़ें →
PAURANIK.ORG