आग्नेयास्त्र का प्रतिकार वरुणास्त्र और पर्जन्यास्त्र से होता था। जल तत्व की वर्षा आग्नेयास्त्र की दिव्य अग्नि को शांत कर देती थी।
आग्नेयास्त्र, जो अग्नि तत्व का प्रतीक है, का प्रतिकार प्रायः जल तत्व से जुड़े वरुणास्त्र या पर्जन्यास्त्र से किया जाता था।
जब कोई योद्धा आग्नेयास्त्र का संधान करता था तो विरोधी पक्ष का कुशल योद्धा तुरंत वरुणास्त्र या पर्जन्यास्त्र का आवाहन कर जल की वर्षा उत्पन्न करता था जिससे आग्नेयास्त्र की अग्नि शांत हो जाती थी या उसका