'अहिल्या' उद्धार का प्रसंग बालकाण्ड में किस प्रकरण के बाद आता है?
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संक्षिप्त उत्तर
ताड़का वध और यज्ञ रक्षा के बाद, जनकपुर जाते मार्ग में। एक आश्रम में शिला देखकर रामजी ने पूछा, मुनि ने कथा सुनाई, चरण-स्पर्श से उद्धार हुआ। इसके बाद गंगा तट से जनकपुर गये।
अहल्या उद्धार का प्रसंग बालकाण्ड में ताड़का वध और यज्ञ रक्षा के बाद आता है।
विश्वामित्रजी ने यज्ञ पूर्ण होने के बाद श्रीराम-लक्ष्मण को लेकर जनकपुर (मिथिला) की ओर प्रस्थान किया।