पूरा श्लोक: 'अहिंसा परमो धर्मः, धर्म हिंसा तथैव च।' अर्थ: अहिंसा परम धर्म है, पर धर्म-रक्षा हेतु हिंसा भी धर्म ही है। अक्सर अधूरा उद्धृत किया जाता है। महाभारत (अनुशासन पर्व) में वर्णित।
'अहिंसा परमो धर्मः' हिंदू धर्म का सबसे प्रसिद्ध वाक्यों में से एक है, परंतु अक्सर इसे अधूरा उद्धृत किया जाता है।
पूरा श्लोक (महाभारत — अनुशासन पर्व): *अहिंसा परमो धर्मः धर्म हिंसा तथैव च।