व्रत विधि
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अहोई अष्टमी व्रत कैसे रखें विधि सहित?
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संक्षिप्त उत्तर
अहोई अष्टमी: कार्तिक कृष्ण अष्टमी (करवा चौथ + 4 दिन)। विधि: निर्जला/फलाहार → अहोई माता (सेही) चित्र → संध्या पूजन-कथा → तारे/चन्द्र देखकर अर्घ्य → व्रत पारण। संतान रक्षा-दीर्घायु हेतु। उत्तर भारत प्रच
अहोई अष्टमी कार्तिक कृष्ण अष्टमी (करवा चौथ के 4 दिन बाद) को संतान की रक्षा और दीर्घायु हेतु माताओं द्वारा रखा जाने वाला व्रत है।
अहोई अष्टमी व्रत विधि: 1। व्रत नियम: प्रातःकाल स्नान करके व्रत का संकल्प लें। निर्जला या फलाहार व्रत।
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