ऐंद्रास्त्र देवराज इंद्र का दिव्यास्त्र है जो चलाने पर शत्रु-दल पर असंख्य बाण-वर्षा करता है। महाभारत में अर्जुन ने इसका प्रयोग सुदक्षिण और संसप्तकों के विरुद्ध किया था।
ऐंद्रास्त्र देवराज इंद्र का दिव्यास्त्र है। 'ऐंद्र' का अर्थ — 'इंद्र' से संबंधित = ऐंद्र। इसलिए 'ऐंद्रास्त्र' = इंद्र का अस्त्र।
ऐंद्रास्त्र की शक्ति — इस अस्त्र को चलाने पर असंख्य बाण एक साथ निकलते हैं जो शत्रु-दल पर वर्षा की तरह बरसते हैं।