विस्तृत उत्तर
ऐंद्रास्त्र देवराज इंद्र का दिव्यास्त्र है।
ऐंद्र' का अर्थ — 'इंद्र' से संबंधित = ऐंद्र। इसलिए 'ऐंद्रास्त्र' = इंद्र का अस्त्र।
ऐंद्रास्त्र की शक्ति — इस अस्त्र को चलाने पर असंख्य बाण एक साथ निकलते हैं जो शत्रु-दल पर वर्षा की तरह बरसते हैं। पुराणों में इसे 'इन्द्रास्त्र' भी कहा जाता है। यह शत्रु की बड़ी सेना को एक साथ नष्ट करने में सक्षम था।
वज्र और ऐंद्रास्त्र का अंतर — वज्र इंद्र का प्रमुख शस्त्र है जो एक निश्चित लक्ष्य को नष्ट करता है। ऐंद्रास्त्र (इन्द्रास्त्र) एक दिव्यास्त्र है जो मंत्र से चलाया जाता है और शत्रु-सेना पर बाण-वर्षा करता है।
महाभारत में — महाभारत में अर्जुन ने ऐंद्रास्त्र का प्रयोग किया था। युद्ध के 14वें दिन सुदक्षिण और 17वें दिन संसप्तकों के वध में अर्जुन ने इन्द्रास्त्र का प्रयोग किया था।





