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देवराज प्रश्नोत्तरी — 5 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित देवराज विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 5 प्रश्न

लोक

स्वर्लोक के अधिपति कौन हैं?

स्वर्लोक के अधिपति देवराज इन्द्र हैं जिन्होंने सौ यज्ञ (शतक्रतु) करके यह पद प्राप्त किया। वे शची सहित अमरावती में स्वर्ण-सिंहासन पर विराजते हैं।

स्वर्लोकइन्द्रअधिपति
दिव्यास्त्र

ऐंद्रास्त्र क्या है

ऐंद्रास्त्र देवराज इंद्र का दिव्यास्त्र है जो चलाने पर शत्रु-दल पर असंख्य बाण-वर्षा करता है। महाभारत में अर्जुन ने इसका प्रयोग सुदक्षिण और संसप्तकों के विरुद्ध किया था।

ऐंद्रास्त्रइंद्रबाण वर्षा
दिव्यास्त्र

इंद्र का वज्र क्या है

वज्र देवराज इंद्र का प्रमुख दिव्य अस्त्र है। भगवद्गीता में श्रीकृष्ण ने कहा — 'अस्त्रों में मैं वज्र हूँ।' यह महर्षि दधीचि की अस्थियों से विश्वकर्मा ने बनाया था।

वज्रइंद्रदधीचि
दिव्यास्त्र

वज्र किसका व्यक्तिगत अस्त्र है?

वज्र देवों के राजा इंद्र का व्यक्तिगत आयुध है। यह उनके राजत्व का प्रतीक है और इसे किसी और को हस्तांतरित नहीं किया जा सकता।

वज्रइंद्रदेवराज
पूर्णाहुति और समापन

इन्द्र वंदन न करने से क्या होता है?

इन्द्र वंदन न करने से: देवराज इन्द्र संपूर्ण यज्ञ का पुण्यफल हर लेते हैं। बाद में भगवान विष्णु का स्मरण करते हुए अज्ञानतावश त्रुटियों के लिए क्षमा मांगें: 'ॐ प्रमादात् कुर्वतां कर्म...'

इन्द्र वंदन न करेंपुण्य फलदेवराज

विषय-वार प्रश्नोत्तर

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सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।