अजामिल ने अंतिम क्षण नारायण नाम लेकर कैसे मुक्ति पाई
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संक्षिप्त उत्तर
श्रीमद्भागवत के छठे स्कंध में — अजामिल ने मृत्यु के समय पुत्र-बुलाहट में 'नारायण' पुकारा। विष्णुदूतों ने यमदूतों को रोका क्योंकि नारायण नाम — अनजाने में ही — पाप नष्ट करता है। बाद में भक्ति करके वह वै
अजामिल की कथा श्रीमद्भागवत पुराण के छठे स्कंध में वर्णित है और यह नाम की शक्ति की सबसे चर्चित कथाओं में से एक है।
कथा — अजामिल कन्नौज का एक ब्राह्मण था जो बचपन में धर्मनिष्ठ था परंतु बाद में एक वेश्या के संपर्क में आकर चोरी, डकैती और अनैतिक आचरण में लिप्त हो गया।