श्वास = स्वतः 'सोऽहम्' जप। अंदर='सो'(वह/ब्रह्म), बाहर='हम्'(मैं)। 21,600 श्वास/दिन = 21,600 जप। श्वास पर ध्यान = स्वतः। मानस से ऊपर। कोई नियम नहीं — सदा चल रहा। सिद्ध = मोक्ष।
अजपा जप = बिना प्रयास/स्वतः चलने वाला जप: क्या है: प्रत्येक श्वास स्वतः मंत्र जप कर रही है — 'सोऽहम्' (So = श्वास अंदर, Ham = बाहर)।
'सो' = वह (ब्रह्म), 'अहम्' = मैं → 'वह मैं हूं'। प्रतिदिन ~21,600 श्वास = 21,600 'सोऽहम्' जप। शांत बैठें, आंखें बंद।