अकाल मृत्यु (दुर्घटना, आत्महत्या) वालों का श्राद्ध किस दिन (चतुर्दशी) करना चाहिए?
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संक्षिप्त उत्तर
शास्त्रों के अनुसार दुर्घटना, जहर, आग, डूबने या आत्महत्या जैसी अकाल मृत्यु वालों का श्राद्ध केवल पितृ पक्ष की 'चतुर्दशी' (14वीं तिथि) को ही करना चाहिए।
गरुड़ पुराण और निर्णय सिंधु के स्पष्ट निर्देशानुसार, जिन व्यक्तियों की मृत्यु अकाल मृत्यु के रूप में हुई हो—जैसे शस्त्र, विष (जहर), दुर्घटना, जल में डूबने, अग्नि या आत्महत्या के कारणों से—उनका श्राद्ध