अकाल मृत्यु (दुर्घटना, आत्महत्या) वालों का श्राद्ध किस दिन (चतुर्दशी) करना चाहिए का सबसे सीधा सार यह है: शास्त्रों के अनुसार दुर्घटना, जहर, आग, डूबने या आत्महत्या जैसी अकाल मृत्यु वालों का श्राद्ध केवल पितृ पक्ष की 'चतुर्दशी' (14वीं तिथि) को ही करना चाहिए।
तिथि नियम जैसे विषयों में यह देखना जरूरी होता है कि बात किस परिस्थिति में लागू होती है, किन नियमों के साथ मान्य होती है और व्यवहार में इसका सही अर्थ क्या निकलता है.
इसी विषय पर 5 संबंधित प्रश्न और 6 विस्तृत लेख भी उपलब्ध हैं। इसलिए इस उत्तर को शुरुआती निष्कर्ष मानें और नीचे दिए गए अगले पन्नों से पूरा संदर्भ जोड़ें।
•उत्तर पढ़ते समय यह देखें कि उसमें नियम, अपवाद और व्यवहारिक संदर्भ साफ हैं या नहीं।
•तिथि नियम श्रेणी के दूसरे प्रश्न इस उत्तर की सीमा और उपयोग दोनों स्पष्ट करते हैं।
•यदि विस्तृत विधि या पृष्ठभूमि चाहिए, तो नीचे दिए गए लेख पहले खोलें।