अखंड (बिना कटे-फटे) बेलपत्र चढ़ाने का क्या फायदा है?
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संक्षिप्त उत्तर
शास्त्रों के अनुसार, एक भी अखंडित (बिना कटा-फटा) बेलपत्र चढ़ाने से मनुष्य अपने सभी पापों से पूरी तरह शुद्ध (पाप-मुक्त) हो जाता है।
बिल्वाष्टकम् के तीसरे श्लोक के अनुसार: 'अखण्ड बिल्वपत्रेण, पूजिते नन्दिकेश्वरे।
शुध्यन्ति सर्वपापेभ्यो, एकबिल्वं शिवार्पणम्॥' अर्थात, एक भी अखंडित (बिना कटा-फटा और छिद्र रहित) बिल्वपत्र से नंदीश्वर भगवान का पूजन करने पर, मनुष्य समस्त पापों से पूर्णतः शुद्ध हो जाता है।