श्लोकों का अर्थ
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'अखिलार्थसम्पदम्' का क्या अर्थ है?
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संक्षिप्त उत्तर
'अखिलार्थसम्पदम्' का अर्थ है सभी प्रकार की समृद्धि — यह भौतिक (धन, संपत्ति, सफलता) और आध्यात्मिक (मुक्ति) दोनों इच्छाओं को पूर्ण करता है।
फलश्रुति (श्लोक 10) में 'अखिलार्थसम्पदम्' शब्द का प्रयोग हुआ है। अखिलार्थसम्पदम् का अर्थ है 'सम्पूर्ण धन-संपदा' या 'सभी प्रकार की समृद्धि'।
स्तोत्र का पाठ सभी प्रकार की समृद्धि (अखिलार्थसम्पदम्) प्रदान करता है, अर्थात यह भौतिक इच्छाओं (धन, संपत्ति, सफलता) और आध्यात्मिक इच्छाओं (मुक्ति) दोनों को पूर्ण करता है।
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