मंत्र जप नियम
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अखंड जप में बीच में विश्राम ले सकते हैं या नहीं?
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संक्षिप्त उत्तर
व्यक्तिगत: शौचालय/जल = मानस जप जारी (शरीर विश्राम)। सामूहिक: relay (पारी)। 'अखंड = ध्वनि निरंतर, व्यक्ति नहीं।' अखंड रामायण/कीर्तन = भक्त relay।
अखंड = निरंतर — किन्तु विश्राम विधि है: व्यक्तिगत अखंड: - 12/24 घंटे = कठिन बिना विश्राम। - शौचालय/जल = अनुमति — जप मन में जारी।
- 'अखंड' = मंत्र ध्वनि कभी रुके नहीं — शरीर विश्राम = मानस जप जारी।
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