अक्षय तृतीया: वैशाख शुक्ल तृतीया। पूजा: विष्णु-लक्ष्मी पूजा, गंगा स्नान, सत्यनारायण कथा। दान: जल (सर्वोत्तम), अन्न, वस्त्र, छाता, स्वर्ण खरीद शुभ। सम्पूर्ण दिन स्वयंसिद्ध शुभ — मुहूर्त अनावश्यक। परशुर
अक्षय तृतीया वैशाख शुक्ल तृतीया को मनाई जाती है।
यह स्वयंसिद्ध शुभ मुहूर्त है — इस दिन किया गया कोई भी शुभ कार्य अक्षय (कभी न क्षीण होने वाला) फल देता है। प्रातः स्नान → शुद्ध वस्त्र।