श्राद्ध-पितृ कर्म
?
अमावस्या पर तर्पण करने का क्या विशेष महत्व है?
PAURANIK.ORG
संक्षिप्त उत्तर
अमावस्या तर्पण: पितृ तिथि (आत्मा निकट), चन्द्र अनुपस्थित (पितर काल), दर्शश्राद्ध (नित्य कर्तव्य), मासिक। सर्वपितृ अमावस्या=सर्वाधिक। सोमवती/भौमवती=विशेष। दक्षिण मुख→तिल-जौ-कुश→तर्पण।
अमावस्या = पितरों की तिथि = तर्पण का सर्वश्रेष्ठ दिन: 1। पितृ तिथि: अमावस्या = पितरों का दिन।
इस दिन पितरों की आत्मा पृथ्वी के निकट आती है (मान्यता)। तर्पण = सीधे पितरों तक पहुँचता है।
📖
सम्पूर्ण उत्तर पढ़ें
शास्त्रीय प्रमाण सहित विस्तृत उत्तर
पूरा उत्तर पढ़ें →
PAURANIK.ORG