वार+नक्षत्र संयोग (रवि+हस्त, सोम+मृगशिरा, गुरु+पुष्य आदि)। नया व्यापार, खरीदारी, गृह प्रवेश, पूजा — कोई भी शुभ कार्य। 'अमृत जैसा फल।' पंचांग/ऐप में देखें।
अमृत सिद्धि योग = विशेष शुभ योग; वार + नक्षत्र का विशिष्ट संयोग।
कब: जब विशिष्ट वार + विशिष्ट नक्षत्र एक साथ पड़ें: - रविवार + हस्त - सोमवार + मृगशिरा - मंगलवार + अश्विनी - बुधवार + अनुराधा - गुरुवार + पुष्य - शुक्रवार + रेवती - शनिवार + रोहिणी (हिंदी पंचांग/ऐप मे