विस्तृत उत्तर
अमृत सिद्धि योग = विशेष शुभ योग; वार + नक्षत्र का विशिष्ट संयोग।
कब
जब विशिष्ट वार + विशिष्ट नक्षत्र एक साथ पड़ें:
- ▸रविवार + हस्त
- ▸सोमवार + मृगशिरा
- ▸मंगलवार + अश्विनी
- ▸बुधवार + अनुराधा
- ▸गुरुवार + पुष्य
- ▸शुक्रवार + रेवती
- ▸शनिवार + रोहिणी
(हिंदी पंचांग/ऐप में 'अमृत सिद्धि योग' लिखा होता है।)
इसमें क्या करें
- ▸नया व्यापार, नौकरी, यात्रा, निवेश
- ▸खरीदारी (सोना, संपत्ति, वाहन)
- ▸गृह प्रवेश, मुंडन, नामकरण
- ▸पूजा/अनुष्ठान शुरू
- ▸कोई भी शुभ कार्य
महत्व: अमृत = अमरत्व; सिद्धि = सफलता। इस योग में शुरू किया कार्य = अमृत जैसा फल।
लोग यह भी पूछते हैं
कब
जब विशिष्ट वार + विशिष्ट नक्षत्र एक साथ पड़ें: - रविवार + हस्त - सोमवार + मृगशिरा - मंगलवार + अश्विनी - बुधवार + अनुराधा - गुरुवार + पुष्य - शुक्रवार + रेवती - शनिवार + रोहिणी (हिंदी पंचांग/ऐप में 'अमृत सिद्धि योग' लिखा होता है। )
इसमें क्या करें
- नया व्यापार, नौकरी, यात्रा, निवेश - खरीदारी (सोना, संपत्ति, वाहन) - गृह प्रवेश, मुंडन, नामकरण - पूजा/अनुष्ठान शुरू - कोई भी शुभ कार्य
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