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मुहूर्त⏱ 2 मिनट पठन

अभिजित मुहूर्त क्या है और कब होता है?

दिन का 8वां मुहूर्त; ~48 min; दोपहर ~11:36-12:24 (स्थान अनुसार)। दोष नाशक, राम-कृष्ण जन्म मुहूर्त। प्रतिदिन (बुधवार छोड़कर)। दक्षिण यात्रा वर्जित।

संक्षिप्त उत्तर

दिन का 8वां मुहूर्त; ~48 min; दोपहर ~11:36-12:24 (स्थान अनुसार)। दोष नाशक, राम-कृष्ण जन्म मुहूर्त। प्रतिदिन (बुधवार छोड़कर)। दक्षिण यात्रा वर्जित। सबसे सरल — पंचांग न हो तो ~12 बजे शुभ कार्य।

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विस्तृत उत्तर

अभिजित मुहूर्त = सबसे शुभ और शक्तिशाली दैनिक मुहूर्त; 'विजय मुहूर्त'।

क्या है

  • ▸दिन के 30 मुहूर्तों में 8वां = अभिजित।
  • ▸15 दिवस मुहूर्तों का मध्य बिंदु।
  • ▸~48 मिनट अवधि; मध्याह्न से 24 मिनट पहले → 24 मिनट बाद।
  • ▸सामान्यतः ~11:36 AM - 12:24 PM (सूर्योदय 6AM/सूर्यास्त 6PM पर)।
  • ▸स्थान/ऋतु अनुसार समय बदलता है।

विशेषता

  1. 1दोष नाशक — अन्य दोषों को नष्ट करता है।
  2. 2श्रीराम + श्रीकृष्ण — दोनों अवतार अभिजित मुहूर्त में जन्मे।
  3. 3सार्वभौमिक — कोई भी शुभ कार्य; कोई भी राशि।
  4. 4प्रतिदिन उपलब्ध — विशेष मुहूर्त न मिले तो अभिजित चुनें।

अपवाद

  • ▸बुधवार — अभिजित मुहूर्त वर्जित।
  • ▸दक्षिण यात्रा — अभिजित में दक्षिण दिशा यात्रा निषेध।
  • ▸विवाह/उपनयन — कुछ विद्वानों में अभिजित = इनके लिए अपर्याप्त; अन्य योग भी देखें।

व्यावहारिक: अभिजित = सबसे सरल मुहूर्त। पंचांग न हो तो दोपहर ~12 बजे कोई भी शुभ कार्य करें (बुधवार छोड़कर)।

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क्या है

- दिन के 30 मुहूर्तों में 8वां = अभिजित। - 15 दिवस मुहूर्तों का मध्य बिंदु। - ~48 मिनट अवधि; मध्याह्न से 24 मिनट पहले → 24 मिनट बाद। - सामान्यतः ~11:36 AM - 12:24 PM (सूर्योदय 6AM/सूर्यास्त 6PM पर)। - स्थान/ऋतु अनुसार समय बदलता है।

उत्तर को थोड़ा और स्पष्ट करें

अभिजित मुहूर्त क्या है और कब होता है को संदर्भ सहित समझें

अभिजित मुहूर्त क्या है और कब होता है का सबसे सीधा सार यह है: दिन का 8वां मुहूर्त; ~48 min; दोपहर ~11:36-12:24 (स्थान अनुसार)। दोष नाशक, राम-कृष्ण जन्म मुहूर्त। प्रतिदिन (बुधवार छोड़कर)। दक्षिण यात्रा वर्जित। सबसे सरल — पंचांग न हो तो...

मुहूर्त जैसे विषयों में यह देखना जरूरी होता है कि बात किस परिस्थिति में लागू होती है, किन नियमों के साथ मान्य होती है और व्यवहार में इसका सही अर्थ क्या निकलता है.

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