विस्तृत उत्तर
नियमित पूजा = हाँ। राहु काल में नियमित दैनिक पूजा वर्जित नहीं।
विस्तार
- 1नियमित पूजा (दीपक, आरती, जप) — कर सकते हैं। भगवान का स्मरण कभी अशुभ नहीं।
- 2नई पूजा शुरू — नया अनुष्ठान/व्रत/हवन = राहु काल टालें।
- 3राहु पूजा — कुछ परंपरा: राहु काल = राहु पूजा/दुर्गा पूजा का उत्तम समय (विशेष)।
सार: ईश्वर स्मरण = 24×7 शुभ। राहु काल = नए शुभ कार्य वर्जित, नियमित भक्ति नहीं।





