विस्तृत उत्तर
सर्वार्थ सिद्धि योग = 'सभी कार्यों में सिद्धि' — अत्यंत शुभ।
कब: वार + नक्षत्र विशिष्ट संयोग:
- ▸रविवार + पुष्य/हस्त/अश्विनी
- ▸सोमवार + रोहिणी/मृगशिरा/श्रवण
- ▸मंगलवार + अश्विनी/उत्तरा
- ▸बुधवार + अनुराधा/रोहिणी
- ▸गुरुवार + पुष्य/अनुराधा/रेवती
- ▸शुक्रवार + रेवती/अनुराधा/अश्विनी
- ▸शनिवार + स्वाति/रोहिणी
(सटीक सूची विभिन्न ग्रंथों में कुछ भिन्न; पंचांग देखें।)
महत्व: सर्व+अर्थ+सिद्धि = सभी कार्य सफल। विशेषकर: नया व्यापार, संपत्ति, विवाह, गृह प्रवेश, यात्रा, निवेश।
अमृत सिद्धि vs सर्वार्थ: दोनों शुभ; सर्वार्थ = अधिक व्यापक (सभी कार्य)।





