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सर्वार्थ सिद्धि योग कब होता है महत्व

संक्षिप्त उत्तर

वार+नक्षत्र विशिष्ट संयोग। 'सभी कार्य सफल' — व्यापार, संपत्ति, विवाह, यात्रा, निवेश। अमृत सिद्धि से व्यापक। पंचांग/ऐप में 'सर्वार्थ सिद्धि' देखें।

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विस्तृत उत्तर

सर्वार्थ सिद्धि योग = 'सभी कार्यों में सिद्धि' — अत्यंत शुभ।

कब: वार + नक्षत्र विशिष्ट संयोग:

  • रविवार + पुष्य/हस्त/अश्विनी
  • सोमवार + रोहिणी/मृगशिरा/श्रवण
  • मंगलवार + अश्विनी/उत्तरा
  • बुधवार + अनुराधा/रोहिणी
  • गुरुवार + पुष्य/अनुराधा/रेवती
  • शुक्रवार + रेवती/अनुराधा/अश्विनी
  • शनिवार + स्वाति/रोहिणी

(सटीक सूची विभिन्न ग्रंथों में कुछ भिन्न; पंचांग देखें।)

महत्व: सर्व+अर्थ+सिद्धि = सभी कार्य सफल। विशेषकर: नया व्यापार, संपत्ति, विवाह, गृह प्रवेश, यात्रा, निवेश।

अमृत सिद्धि vs सर्वार्थ: दोनों शुभ; सर्वार्थ = अधिक व्यापक (सभी कार्य)।

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शास्त्रीय स्रोत
मुहूर्त शास्त्र, पंचांग
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