अमृत सिद्धि योग कब होता है इसमें क्या करें
की चेकलिस्ट
वार+नक्षत्र संयोग (रवि+हस्त, सोम+मृगशिरा, गुरु+पुष्य आदि)। नया व्यापार, खरीदारी, गृह प्रवेश, पूजा — कोई भी शुभ कार्य। 'अमृत जैसा फल।' पंचांग/ऐप में देखें।
- 1रविवार + हस्त
- 2सोमवार + मृगशिरा
- 3मंगलवार + अश्विनी
- 4बुधवार + अनुराधा
- 5गुरुवार + पुष्य
- 6शुक्रवार + रेवती
- 7शनिवार + रोहिणी
- 8नया व्यापार, नौकरी, यात्रा, निवेश
- 9खरीदारी (सोना, संपत्ति, वाहन)
- 10गृह प्रवेश, मुंडन, नामकरण
- 11पूजा/अनुष्ठान शुरू
- 12कोई भी शुभ कार्य
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