अंधतामिस्र में — असंख्य जौंकें रक्त चूसती हैं, परम अंधकार में तड़पाया जाता है, लोहे की छड़ों की अदृश्य पिटाई और भयावह पक्षियों का आक्रमण। रक्त चूसकर पुनः भरने का चक्र।
गरुड़ पुराण में अंधतामिस्र नरक के कष्टों का वर्णन तामिस्र से भी अधिक भयावह है।
जौंकें रक्त चूसती हैं — 'अंधतामिस्र — इस नरक में जौंके भरी हुई हैं जो इंसान का रक्त चूसती हैं।