अंधकार में जन्म होने के कारण उसका नाम अंधक पड़ा। पार्वती की आँखें ढकने से जगत में अंधकार छा गया था, उसी अंधेरे में शिव के पसीने की बूँदों से वह प्रकट हुआ। वह जन्म से दृष्टिहीन जैसा भी था।
अंधकासुर को 'अंधक' नाम देने के पीछे दो कारण पुराणों में बताए गए हैं जो उसके जन्म की परिस्थितियों से सीधे जुड़े हैं।
पहला कारण — जन्म का अंधकार: वामन पुराण के अनुसार जब पार्वती ने शिव की आँखें ढकीं, तो जगत में घोर अंधकार छा गया।