अन्नकूट: 56 (छप्पन) प्रकार के व्यंजन = अन्न का पर्वत। कृष्ण/गोवर्धन को अर्पित → भोग → प्रसाद वितरण। 56 = 7 दिन × 8 प्रहर (गोवर्धन उठाने की अवधि)। श्रीनाथजी, जगन्नाथ, वृन्दावन मन्दिरों में भव्य। यथाशक्
अन्नकूट ('अन्न का पर्वत') गोवर्धन पूजा का प्रमुख अंग है — कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा।
विविध व्यंजन तैयार करें: छप्पन भोग (56 प्रकार) आदर्श, किन्तु यथाशक्ति जितने बन सकें।