विस्तृत उत्तर
अन्नकूट ('अन्न का पर्वत') गोवर्धन पूजा का प्रमुख अंग है — कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा।
विधि
- 1विविध व्यंजन तैयार करें: छप्पन भोग (56 प्रकार) आदर्श, किन्तु यथाशक्ति जितने बन सकें। इनमें:
- ▸चावल, दाल, रोटी, पूड़ी, कचौड़ी
- ▸विभिन्न सब्जियाँ, रायता, अचार
- ▸खीर, हलवा, लड्डू, पेड़ा, बर्फी
- ▸फल, मिठाई, पकौड़े
- 1सभी व्यंजनों को सुन्दर ढंग से सजाकर भगवान कृष्ण/गोवर्धन जी के सामने रखें — 'अन्न का पर्वत' बनाएँ।
- 2भगवान कृष्ण का पूजन — पुष्प, तुलसी, चन्दन, दीप।
- 3'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' जप।
- 4भगवान को भोग लगाएँ — कुछ देर भोग रखें।
- 5प्रसाद वितरण — परिवार, पड़ोसी, गरीबों को।
छप्पन भोग क्यों
जब इन्द्र ने 7 दिन वर्षा की, कृष्ण ने 7 दिन (= 7 × 8 = 56 भोजन प्रहर) गोवर्धन उठाए रखा। इन 56 प्रहरों में ब्रजवासी भोजन से वंचित रहे — उन्हीं 56 प्रहरों के भोजन की पूर्ति हेतु छप्पन भोग।
वैष्णव मन्दिरों में: श्रीनाथजी (नाथद्वारा), जगन्नाथ पुरी, वृन्दावन मन्दिरों में अन्नकूट अत्यन्त भव्य होता है।





