उग्र और विशेष स्वरूप
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अन्नपूर्णा स्वरूप की कथा क्या है?
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संक्षिप्त उत्तर
शिव ने कहा: 'अन्न और प्रकृति केवल माया है।' पार्वती ने ब्रह्मांड से स्वयं को विलुप्त किया → भयंकर अकाल। शिव काशी में भिक्षुक बनकर पार्वती से भिक्षा माँगी → सिद्ध हुआ: अन्न और प्रकृति सत्य हैं।
विश्व को भरण-पोषण प्रदान करने के लिए माता पार्वती ने 'अन्नपूर्णा' (अन्न की देवी) का रूप धारण किया।
एक बार भगवान शिव ने दार्शनिक चर्चा में कह दिया कि यह संपूर्ण भौतिक जगत (प्रकृति) और अन्न केवल 'माया' या भ्रम है।
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