अंतर्धान अस्त्र शत्रु के मन में गहरा भ्रम पैदा करता था, लड़ने की इच्छा समाप्त करता था और इंद्रास्त्र के धनुर्धर को मन भ्रमित करके आक्रमण से रोक देता था।
भौतिक अदृश्यता या नींद से परे अंतर्धान अस्त्र दुश्मन के मानस पर हमला करता था।
यह गहरा मानसिक भ्रम पैदा कर सकता था, लक्ष्य को भटका सकता था और लड़ने की उसकी इच्छा को समाप्त कर सकता था।