विस्तृत उत्तर
भौतिक अदृश्यता या नींद से परे अंतर्धान अस्त्र दुश्मन के मानस पर हमला करता था। यह गहरा मानसिक भ्रम पैदा कर सकता था, लक्ष्य को भटका सकता था और लड़ने की उसकी इच्छा को समाप्त कर सकता था। एक ग्रंथ स्पष्ट रूप से कहता है कि अंतर्धान अस्त्र इंद्रास्त्र चलाने वाले धनुर्धर के मन को भ्रमित करके उसे आक्रमण करने से ही रोक देता है और इंद्रास्त्र से निकले बाणों को हवा में ही 'गायब' भी कर सकता है। यह जादुई युद्ध के एक अविश्वसनीय रूप से परिष्कृत स्तर को प्रदर्शित करता है।
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक




