पूजा के अंत में बोलें — 'अपराधसहस्राणि क्रियन्तेऽहर्निशं मया। दासोऽयमिति मां मत्वा क्षमस्व परमेश्वर॥' देवी की पूजा में 'परमेश्वरी' बोलें। यह मंत्र पूजा में हुई समस्त भूलों की क्षमा के लिए है।
पूजा के अंत में अपनी भूलों और त्रुटियों के लिए भगवान से क्षमा माँगना एक अत्यंत महत्वपूर्ण परंपरा है।
शास्त्रों में यह विधान इस भाव से है कि पूजा-विधि में हमसे जाने-अनजाने में कोई न कोई भूल हो ही जाती है।