स्तोत्र पाठ विधि और नियम
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अर्धनारीश्वर स्तोत्र पाठ के बाद कौन सी मुद्रा करनी चाहिए?
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संक्षिप्त उत्तर
स्तोत्र पाठ के बाद अश्विनी या वज्र मुद्रा करनी चाहिए। यह कुंडलिनी योग सिद्धांत पर आधारित है जो ऊर्जा का ऊर्ध्वगमन करती है।
अभ्यास समाप्त होने के बाद, साधक को अश्विनी या वज्र मुद्रा का अभ्यास अवश्य करना चाहिए।
यह मुद्रा कुंडलिनी योग के सिद्धांतों पर आधारित है, जहाँ ब्रह्मचर्य के पालन में सहायता मिलती है और ऊर्जा का ऊर्ध्वगमन होता है।
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