शिव-पार्वती तत्त्व: दार्शनिक रहस्य
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अर्धनारीश्वर स्वरूप का क्या दार्शनिक महत्व है?
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संक्षिप्त उत्तर
अर्धनारीश्वर = ब्रह्मांडीय संतुलन (Cosmic Balance) का सर्वोच्च प्रतीक। दाया आधा = पुरुष (शिव), बायाँ आधा = प्रकृति (पार्वती) — एक ही परमतत्त्व के दो अविभाज्य पहलू। आधुनिक मनोविज्ञान का Anima-Animus सि
महाभारत और विभिन्न पुराणों में 'अर्धनारीश्वर' स्वरूप का अत्यंत विस्तृत वर्णन है।
यह स्वरूप दर्शाता है कि ईश्वर न तो पूर्ण रूप से पुरुष है और न ही स्त्री। यह ब्रह्मांडीय संतुलन (Cosmic Balance) का सर्वोच्च प्रतीक है।
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शास्त्रीय प्रमाण सहित विस्तृत उत्तर
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