स्तोत्र एवं पाठ
?
अर्गला स्तोत्र पढ़ने से क्या लाभ
PAURANIK.ORG
संक्षिप्त उत्तर
सप्तशती दूसरा अंग; देवी शक्ति 'ताला खोलना।' 'रूपं देहि जयं देहि' — धन, यश, सौंदर्य, शत्रु नाश, विजय। कवच→अर्गला→कीलक→सप्तशती क्रम। ~5-7 min।
अर्गला स्तोत्र = दुर्गा सप्तशती का दूसरा अंग (कवच→अर्गला→कीलक→सप्तशती)। अर्थ: 'अर्गला' = सिटकनी/ताला खोलना।
देवी शक्ति का ताला खोलने वाला स्तोत्र।
📖
सम्पूर्ण उत्तर पढ़ें
शास्त्रीय प्रमाण सहित विस्तृत उत्तर
पूरा उत्तर पढ़ें →
PAURANIK.ORG