अर्घ्य देते समय दृष्टि कहाँ रखनी चाहिए — इसका वैज्ञानिक कारण क्या है?
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संक्षिप्त उत्तर
अर्घ्य देते समय दृष्टि: गिरती जलधारा के बीच से सूर्य बिंब पर। वैज्ञानिक कारण: क्रोमोथेरेपी (Chromotherapy) का प्राचीन स्वरूप। जलधारा से छनकर प्रातःकालीन सूर्य रश्मियाँ = नेत्र ज्योति वृद्धि + पीनियल ग
साधक की दृष्टि उस गिरती हुई जलधारा के मध्य से सूर्य के बिम्ब पर केंद्रित होनी चाहिए।
यह प्रक्रिया क्रोमोथेरेपी (Chromotherapy) का एक प्राचीन स्वरूप है।