पंचांग एवं ज्योतिष
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आश्लेषा नक्षत्र क्या होता है?
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संक्षिप्त उत्तर
आश्लेषा 27 नक्षत्रों में नवम। कर्क 16°40'–30°। स्वामी बुध, देवता नाग देव। प्रतीक कुण्डलित सर्प। क्रूर-गुप्त कार्यों के लिए अनुकूल। जन्म में बुद्धिमान, कूटनीतिज्ञ, रहस्यमय।
आश्लेषा 27 नक्षत्रों में नवम नक्षत्र है। यह कर्क राशि में 16°40' से 30° तक विस्तृत है।
नाम और प्रतीक — 'आश्लेषा' = आलिंगन करना, कसकर पकड़ना। इसका प्रतीक 'कुण्डलित सर्प' है। यह कुण्डलिनी शक्ति, तंत्र और गहराई का नक्षत्र है।
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