हाँ — शिव महापुराण के अनुसार अश्वत्थामा आज भी गंगा किनारे जीवित हैं। परंतु यह वरदान नहीं, कृष्ण का श्राप है — माथे के घाव के साथ अनंत काल भटकना, मृत्यु माँगने पर भी न मिलना।
हाँ — पुराणों और शास्त्रों के अनुसार अश्वत्थामा आज भी जीवित हैं। परंतु यह जीवन वरदान नहीं — एक भयंकर श्राप है।
शिव महापुराण (शतरुद्रसंहिता, अध्याय 37) के अनुसार अश्वत्थामा आज भी जीवित हैं और गंगा के किनारे निवास करते हैं — परंतु उनका सटीक स्थान कहाँ है यह नहीं बताया गया।