अश्वत्थामा ने पिता द्रोणाचार्य के छलपूर्ण वध का प्रतिशोध लेने के लिए ब्रह्मास्त्र चलाया। पांडव-वंश के अंतिम शिशु परीक्षित को लक्ष्य किया। श्रीकृष्ण ने परीक्षित को बचाया और अश्वत्थामा को श्राप दिया।
अश्वत्थामा के ब्रह्मास्त्र प्रयोग के पीछे उनके पिता द्रोणाचार्य की मृत्यु का प्रतिशोध था।
कारण — महाभारत के युद्ध में पांडवों ने झूठी अफवाह फैलाई कि 'अश्वत्थामा मारा गया' जिससे द्रोणाचार्य ने शस्त्र त्याग दिए और उनका अनुचित वध हुआ।