अश्वत्थामा शिव के 'सवन्तिक रुद्र' अंशावतार हैं। द्रोणाचार्य की तपस्या से प्रसन्न होकर शिव ने सवन्तिक रुद्र के अंश से उनके पुत्र रूप में जन्म लिया। जन्म से मस्तक में दिव्य मणि थी जो उन्हें अजेय बनाती थ
महाभारत और शिव पुराण के अनुसार, गुरु द्रोणाचार्य के पुत्र अश्वत्थामा काल, क्रोध, यम और भगवान शिव के अंशावतार थे।
शिव के जिस स्वरूप का अंश उनमें था, उसे 'सवन्तिक रुद्र' कहा जाता है।