पंचांग एवं ज्योतिष
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अतिगण्ड योग क्या होता है?
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संक्षिप्त उत्तर
अतिगण्ड 27 नित्ययोगों में षष्ठ, 9 अशुभ योगों में से एक। 'अत्यधिक बाधा' का बोधक। सूर्य-चंद्र योगफल 66°40'–80°। स्वामी चंद्रमा। मांगलिक कार्य वर्जित। जन्म में साहसी, धर्मप्रेमी, किंतु दुर्घटना-सावधान।
अतिगण्ड योग पंचांग के 27 नित्ययोगों में षष्ठ योग है। यह 9 अशुभ योगों में से एक है।
नाम का अर्थ — 'अति' = अत्यधिक और 'गण्ड' = गला/ग्रंथि (अशुभ/बाधाकारक)। यह योग अत्यधिक बाधाओं और खतरे का बोधक है।
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