गरुड़ पुराण की बभ्रुवाहन कथा में एक प्रेत का उल्लेख है जो पापकर्म और अधूरे संस्कारों के कारण प्रेत योनि में था। यह कथा यह बताने के लिए है कि परोपकारी व्यक्ति भी दान-श्राद्ध से किसी अनजान प्रेत को मुक्
गरुड़ पुराण के सातवें अध्याय में बभ्रुवाहन कथा में एक प्रेत की कथा है जिसे बभ्रुवाहन ने मुक्त किया।
यह प्रेत अपने पापकर्मों और उचित संस्कार न मिलने के कारण प्रेत योनि में था।