बैसाखी: वैशाख संक्रांति (13-14 अप्रैल)। विधान: पवित्र स्नान → सूर्य अर्घ्य ('ॐ सूर्याय नमः') → मन्दिर दर्शन → नई फसल (गेहूँ) भगवान को अर्पण → अन्नदान-वस्त्रदान → सामूहिक भोज। सौर नववर्ष, फसल कृतज्ञता
बैसाखी (वैसाखी) वैशाख मास की संक्रांति (13-14 अप्रैल) को मनाई जाती है।
यह सूर्य का मेष राशि प्रवेश = नववर्ष आरम्भ = रबी फसल कटाई का उत्सव है। बैसाखी पूजा विधान: 1।