बालकाण्ड सबसे बड़ा काण्ड — लगभग 361 दोहे + सैकड़ों चौपाइयाँ-छन्द-सोरठे। पृष्ठ 17-340 (गीता प्रेस)। मंगलाचरण से लेकर सीता-राम विवाह और अयोध्या वापसी तक। रामचरितमानस का सबसे विस्तृत काण्ड।
बालकाण्ड रामचरितमानस का सबसे बड़ा काण्ड है। इसमें लगभग 361 दोहे (सोरठा/दोहा मिलाकर) हैं और उनके बीच सैकड़ों चौपाइयाँ, छन्द और सोरठे हैं।
बालकाण्ड की संरचना: - मंगलाचरण (श्लोक + दोहा + सोरठा + चौपाई) - नाम वन्दना और नाम महिमा - मानस रचना विवरण - शिव-पार्वती कथा (सती प्रसंग, पार्वती तपस्या, विवाह) - रामावतार के कारण (जय-विजय, नारद, मनु-श